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डिमेंशिया यानी मनोà¤à¥à¤°à¤‚श. डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• डिमेंशिया कोई à¤à¤• बीमारी नहीं है बलà¥à¤•ि बीमारियों का लकà¥à¤·à¤£ है. à¤à¤¸à¥€ बीमारियां जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं. जिससे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के कà¥à¤› काम जैसे याददाशà¥à¤¤, किसी की बात समà¤à¤¨à¤¾, किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का हल सोचना, बोलना, ये कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤·à¥€à¤£ होती जाती हैं और आदमी का दिमाग काम करना बंद कर देता है या सामानà¥à¤¯ से कम काम करता है. इस मानसिक कà¥à¤·à¥€à¤£à¤¤à¤¾ की गति धीमी à¤à¥€ हो सकती है या तेज à¤à¥€ हो सकती है.
डिमेंशिया से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ वो बात, जो चिंतित करती है
वरà¥à¤²à¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ ऑरà¥à¤—नाइजेशन (WHO) कहता है कि पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में करीब 5 करोड़ लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं. हर साल डिमेंशिया के करीब 1 करोड़ नठमामले सामने आते हैं. दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की जनसंखà¥à¤¯à¤¾ जैसे-जैसे उमà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤œ होगी, डिमेंशिया से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोगों की संखà¥à¤¯à¤¾ में तीन गà¥à¤¨à¤¾ इजाफा होने की आशंका à¤à¥€ जता दी गई है.अगर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में इतनी बड़ी तादाद पर डिमेंशिया का खतरा है, तो जाहिर है कि हमें इसके सटीक इलाज और बचाव के तरीके जानने होंगे. कोशिश ये होनी चाहिठकि हम डिमेंशिया से पीड़ित ही न हों और अगर इसका सामना करना à¤à¥€ पड़े तो हमें इससे कैसे निपटना है, ये पता हो.
अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° और डिमेंशिया में अंतर
अकà¥à¤¸à¤° अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° को डिमेंशिया का परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ समठलिया जाता है. लेकिन à¤à¤®à¥à¤¸ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° कामेशà¥à¤µà¤° पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं है. अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° डिमेंशिया का सबसे आम कारण है. इसे à¤à¤¸à¥‡ समठसकते हैं कि बà¥à¤–ार का कारण मलेरिया, टायफायड, वायरल, डेंगू, चिकà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है. उसी तरह डिमेंशिया लकà¥à¤·à¤£ है, जिसके कई कारण हो सकते हैं.
कà¥à¤¯à¤¾ डिमेंशिया का इलाज ह
डिमेंशिया दो तरह के होते हैं- à¤à¤• टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² डिमेंशिया और दूसरा irreversible डिमेंशिया, जिसमें मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ धीरे-धीरे डिजेनरेट होते हैं. डिजेनरेटिव डिमेंशिया ठीक नहीं होता, लेकिन अब कई दवाइयां मौजूद हैं, जिससे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सामानà¥à¤¯ बनाई जा सकती है और लंबे अरसे तक सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ रह सकती है.
...तो संà¤à¤µ है इलाज
जांच से पहले ये पता करना जरूरी होता है कि डिमेंशिया हà¥à¤† कà¥à¤¯à¥‹à¤‚. अगर कारण सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाठतो कई मामलों में इलाज संà¤à¤µ है. जैसे अगर डिमेंशिया का कारण विटामिन बी 12 की कमी है, तो उसका इंजेकà¥à¤¶à¤¨ देकर इलाज किया जा सकता है. कारण अगर थायरॉयड है या सिर पर लगी चोट है, तो इनका इलाज किया जा सकता है.
डिमेंशिया से बचने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें?
डिमेंशिया पर बहà¥à¤¤ हद तक काबू पाया जा सकता है. ये बात कई शोध और अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में कही गई है. डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ का मानना है कि जीवनशैली में सकारातà¥à¤®à¤• बदलाव आपको कई बीमारियों से बचा सकता है.
इंडिपेंडेंट में छपी रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• नठशोध में 24 अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के पैनल ने माना है कि डिमेंशिया के à¤à¤• तिहाई मामलों की रोकथाम सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली अपनाकर की जा सकती है.
1. सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ यानी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€
डिमेंशिया से बचने के लिठजरूरी है कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहें. अपने बà¥à¤°à¥‡à¤¨ को यूज करें. पहेली, शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ और संखà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का खेल, नई चीजें सीखकर मानसिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहें.
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और योग से वजन पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखें. इससे बीपी ठीक रहेगा, डायबिटीज, हारà¥à¤Ÿ की बीमारियों से à¤à¥€ रकà¥à¤·à¤¾ होगी. तनाव नहीं होगा.
कà¥à¤²à¤®à¤¿à¤²à¤¾à¤•र शारीरिक और मानसिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ ही इन अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं से बचने में मदद करती है
जीबी पंत असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ विà¤à¤¾à¤— के डॉ देबाशीष चौधरी à¤à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में कहते हैं:
2. सामाजिक संपरà¥à¤•
à¤à¤¸à¤¾ देखा गया है कि डिमेंशिया से पीड़ित लोग समाज से कट जाते हैं. अकेलेपन और उदासी में रहने लगते हैं. इसलिठडिमेंशिया से बचने के लिठजरूरी है कि आप समाज में लोगों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहें. परिवार, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से बातचीत करें.
अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ इंटरनेशनल कॉनà¥à¤«à¥à¤°à¥‡à¤‚स (AAIC) 2017 में पेश किठगठरिपोरà¥à¤Ÿ में डिमेंशिया से बचने के लिठसामाजिक सहà¤à¤¾à¤—िता का जिकà¥à¤° किया गया था.
3. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली और खानपान
अपने खानपान में सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट की मातà¥à¤°à¤¾ कम करिà¤. फल-सबà¥à¤œà¥€ विशेष रूप से हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अपने आहार में शामिल कीजिà¤. जिससे विटामिन बी 12 और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की कमी न हो. इतना खाइठकि वजन जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न बढ़ जाà¤. शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से बचिà¤.
4. जरूरी है पूरी नींद
सà¤à¥€ के लिठसमय पर सोना और उठना, साथ में पूरी नींद लेना जरूरी है. डॉकà¥à¤Ÿà¤° राजेश रसà¥à¤¤à¥‹à¤—ी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शरीर के सामानà¥à¤¯ फंकà¥à¤¶à¤¨ और दिमाग को आराम देने के लिठनींद बहà¥à¤¤ जरूरी है.
5. किसी à¤à¥€ बीमारी के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लापरवाही न बरतें
कई बीमारियां बà¥à¤°à¥‡à¤¨ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं. इसलिठहाई बीपी, डायबिटीज, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखकर इसका खतरा कम किया जा सकता है. कई शोधों से साबित हà¥à¤† है कि डायबिटीज, हाइपर टेंशन, लिपिडà¥à¤¸ की वजह से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸ का खतरा होता है, जिससे दिमाग के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चती है. इस वजह से à¤à¥€ डिमेंशिया का जोखिम बढ़ जाता है.
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